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मूल्यह्रास का अर्थ (Depriciation)

    मूल्यह्रास का अर्थ (Depriciation) ************************** परिभाषा: – किसी संपत्ति का मौद्रिक मूल्य उपयोग, पहनने और अप्रचलन के कारण समय के साथ कम हो जाता है। इस कमी को मूल्यह्रास के रूप में मापा जाता है। विवरण: – मूल्यह्रास, यानी एक परिसंपत्ति के मूल्य में कमी, कई अन्य कारकों के कारण भी हो सकती है जैसे प्रतिकूल बाजार की स्थिति, आदि मशीनरी, उपकरण, मुद्रा संपत्ति के कुछ उदाहरण हैं

भारतीय इतिहास के विभिन्न युग और कालखंड

  #ToughTopics #indianhistory भारतीय इतिहास के युग और कालखंड ******************************* 1.विक्रम संवत (56 ई.पू.)- इसकी शुरूआत उज्जैन के शासक राजाविक्रमादित्य ने शकों पर विजय प्राप्त करने केउपलक्ष्य में की थी| 2.शक संवत (78 ई.)- इसकी शुरूआत शक राजा द्वारा विक्रमादित्य केशासन के 137 वर्ष बाद उज्जैन पर पुनः विजयप्राप्त करने के उपलक्ष्य में की गई थी| 3.गुप्त संवत (320 ई.)- इसकी शुरूआत चन्द्रगुप्त I ने की थी| 4.हर्ष संवत (606

रम्माण उत्सव

रम्माण उत्सव रम्माण उत्तराखंड के चमोली जिले के सलूड़ गांव में प्रतिवर्ष अप्रैल में आयोजित होने वाला उत्सव है। इस गांव के अलावा डुंग्री, बरोशी, सेलंग गांवों में भी रम्माण का आयोजन किया जाता है। इसमें सलूड़ गांव का रम्माण ज्यादा लोकप्रिय है। इसका आयोजन सलूड़-डुंग्रा की संयुक्त पंचायत करती है। रम्माण मेला कभी 11 दिन तो कभी 13 दिन तक भी मनाया जाता है। यह विविध कार्यक्रमों, पूजा और